Registry and Leases Offer– सरकार ने आम नागरिकों के लिए एक बेहद फायदेमंद योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत गरीब और ज़रूरतमंद लोगों को रजिस्ट्री और पट्टे के माध्यम से ₹4 लाख तक की मुफ्त जमीन दी जा रही है। यह पहल उन लोगों के लिए खास मौका है जो अब तक अपनी खुद की जमीन या घर का सपना नहीं साकार कर पाए थे। योजना के तहत सरकार ग्राम समाज या नगर पालिका की खाली पड़ी जमीन को पात्र लोगों को रजिस्ट्री या पट्टे के माध्यम से देने जा रही है ताकि वे वहां स्थायी रूप से रह सकें और कानूनी रूप से मालिक बन सकें। इस स्कीम का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें किसी तरह की रिश्वत या दलाली की कोई गुंजाइश नहीं है, क्योंकि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है और डिजिटल माध्यम से भी आवेदन की सुविधा दी गई है। अब बिना ज्यादा भागदौड़ के कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना का लाभ उठा सकता है और अपने सपनों का घर बना सकता है।

कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ खासकर उन लोगों को दिया जा रहा है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में आते हैं। गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार, अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग, विधवा महिलाएं, विकलांग नागरिक, और जिनके पास रहने के लिए खुद की जमीन नहीं है, वे सभी इस स्कीम के पात्र माने गए हैं। साथ ही झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले और किराए के मकानों में गुज़ारा कर रहे लोगों को भी इसमें प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि हर व्यक्ति को एक स्थायी निवास स्थान मिल सके ताकि उसका जीवन स्तर सुधर सके और वह आत्मनिर्भर बन सके। आवेदन प्रक्रिया को आसान और सुलभ बनाकर सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी पात्र व्यक्ति इस मौके से वंचित न रहे।
जमीन मिलने की प्रक्रिया और मूल्य
इस योजना के तहत मिलने वाली जमीन की कीमत लगभग ₹4 लाख तक आंकी गई है, लेकिन लाभार्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता। यह पूरी तरह से मुफ्त में दी जा रही है। यह जमीन या तो ग्राम समाज की होगी या शहरी निकाय की खाली पड़ी जमीन जिसमें सरकार रजिस्ट्री या पट्टे के जरिए कानूनी अधिकार देती है। एक बार जमीन मिल जाने के बाद व्यक्ति उस पर घर बना सकता है, और चाहें तो भविष्य में उस ज़मीन के नाम पर लोन भी ले सकता है। कुछ राज्यों में तो इस योजना के तहत मकान बनाने के लिए ₹1.5 लाख तक की अतिरिक्त सहायता भी दी जा रही है। इसका उद्देश्य है कि लाभार्थी सिर्फ ज़मीन तक सीमित न रहें, बल्कि अपने सपनों का घर भी बना सकें और एक सम्मानजनक जीवन जी सकें।
आवेदन कैसे करें?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपको अपने नजदीकी ग्राम पंचायत कार्यालय, नगर पालिका या जन सुविधा केंद्र से संपर्क करना होगा। वहां से आपको आवेदन फॉर्म मिलेगा जिसमें अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड), आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र आदि संलग्न करने होंगे। कुछ राज्यों में आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन भी उपलब्ध है जिससे लोग घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने के बाद स्थानीय प्रशासन द्वारा पात्रता की जांच की जाएगी और फिर तय समयसीमा में जमीन आवंटित कर दी जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया मुफ्त है और सरकार द्वारा तय समयसीमा में पूरी की जाती है ताकि किसी को परेशान न होना पड़े।
किन राज्यों में लागू है यह योजना?
यह योजना फिलहाल उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड जैसे राज्यों में लागू की गई है। हर राज्य ने अपनी जनसंख्या और ज़मीन की उपलब्धता के आधार पर पात्रता मानदंड तय किए हैं। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश में विधवा महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि बिहार में महादलित और कमजोर वर्ग के लोगों को इस योजना में आगे रखा गया है। सरकार का लक्ष्य है कि 2025 तक लाखों गरीबों को ज़मीन का मालिकाना हक दिया जाए ताकि वे आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें।
