Mission Shakti Drive – उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए एक नई पहल “Mission Shakti Drive” की शुरुआत की है, जिसके तहत 15 अक्टूबर तक महिलाओं को मुफ्त में ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने का अवसर दिया जा रहा है। यह अभियान महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सड़क सुरक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इस मिशन के अंतर्गत सरकार ने पूरे प्रदेश के परिवहन विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे महिलाओं के लिए विशेष शिविरों का आयोजन करें, जहां ड्राइविंग टेस्ट, प्रशिक्षण और लाइसेंस प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा। इस पहल से न केवल रोजगार के नए अवसर खुलेंगे बल्कि महिलाएं अपने जीवन में नई स्वतंत्रता और आत्मविश्वास भी महसूस करेंगी।

Mission Shakti Drive का मुख्य उद्देश्य और लाभ
Mission Shakti Drive का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं ड्राइविंग सीखें और अपने वाहन चलाने में आत्मनिर्भर बनें। इस अभियान के तहत लाइसेंस फीस पूरी तरह माफ की गई है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाएं भी इसका लाभ उठा सकें। ड्राइविंग टेस्ट के दौरान महिलाओं के लिए अलग कतारें और ट्रेनिंग सेशन रखे जा रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में मोबाइल ड्राइविंग यूनिट्स भी भेजी जा रही हैं ताकि दूरदराज की महिलाएं भी इस योजना में शामिल हो सकें। इस पहल से राज्य में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।
कैसे करें Mission Shakti Drive में आवेदन
Mission Shakti Drive के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया बहुत आसान रखी गई है ताकि हर महिला बिना किसी परेशानी के जुड़ सके। इच्छुक उम्मीदवारों को यूपी परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘Free Driving Licence under Mission Shakti’ सेक्शन में आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और निवास प्रमाण पत्र आवश्यक है। सफल पंजीकरण के बाद आवेदक को नजदीकी RTO कार्यालय से ड्राइविंग टेस्ट के लिए समय दिया जाएगा। कुछ जिलों में ऑफलाइन कैंप भी लगाए गए हैं जहां महिलाएं सीधे जाकर फॉर्म भर सकती हैं। पूरे अभियान को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम भी शुरू किया है।
कौन महिलाएं ले सकती हैं इस योजना का लाभ
इस योजना का लाभ उत्तर प्रदेश की सभी महिला नागरिकों को मिलेगा जिनकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक है। चाहे वे छात्रा हों, गृहिणी हों या नौकरीपेशा महिलाएं, सभी आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा जिन महिलाओं के पास पहले से लर्निंग लाइसेंस है, वे सीधे परमानेंट लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकती हैं। मिशन के अंतर्गत दिव्यांग महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनके तहत उन्हें टेस्ट और ट्रेनिंग में प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य के प्रत्येक जिले में महिला परिवहन अधिकारियों की देखरेख में यह अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो।
Mission Shakti Drive का प्रभाव और सरकार की तैयारी
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की है। हर जिले में RTO विभाग के साथ पुलिस और महिला हेल्पलाइन टीमों को भी जोड़ा गया है ताकि प्रक्रिया सुरक्षित और सुविधाजनक बनी रहे। इस ड्राइव से न केवल हजारों महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस मिलेगा, बल्कि यह अभियान रोजगार और महिला सुरक्षा दोनों क्षेत्रों में बड़ा बदलाव लाने वाला साबित होगा। सरकार का लक्ष्य है कि 15 अक्टूबर तक लाखों महिलाओं को मुफ्त लाइसेंस दिए जाएं और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहित किया जाए। यह पहल प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।
