LPG Price Drop – गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी गिरावट की खबर से आम जनता को बड़ी राहत मिली है। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर ₹320 की कटौती की घोषणा की गई, जिससे यह अब पूरे देश में कम कीमत पर उपलब्ध होगा। यह फैसला त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और उनकी जेब पर बोझ कम हो। LPG सिलेंडर की नई कीमतें आज से लागू कर दी गई हैं और इसका असर सभी राज्यों में देखने को मिलेगा। खासकर उन इलाकों में जहां पहले से ही गैस महंगी थी, वहां यह राहत और भी बड़ी मानी जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा सब्सिडी बढ़ाने और वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट के चलते यह निर्णय लिया गया है। लोग अब नए रेट्स के हिसाब से अपने सिलेंडर की बुकिंग कर सकते हैं। इस फैसले से करोड़ों उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

आज से कितनी कीमत पर मिलेगा गैस सिलेंडर?
एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें लागू होने के बाद दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में इसकी कीमतों में स्पष्ट गिरावट देखी गई है। दिल्ली में जहां पहले घरेलू सिलेंडर की कीमत ₹1,100 के करीब थी, वह अब घटकर ₹780 के आसपास पहुंच गई है। इसी तरह कोलकाता में नई कीमत ₹805, मुंबई में ₹770 और चेन्नई में ₹790 के करीब है। इससे यह स्पष्ट होता है कि अब औसतन ₹320 तक की बचत उपभोक्ताओं को हो रही है।
किन राज्यों में मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
हालिया कटौती से उन राज्यों को अधिक लाभ मिलेगा जहां पहले से गैस की कीमतें काफी ऊंची थीं। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में गैस सिलेंडर की कीमत ₹1,150 से ऊपर थी, जिससे वहां के उपभोक्ताओं पर अधिक बोझ पड़ता था। लेकिन अब वहां भी कीमत में ₹320 की कटौती से सिलेंडर ₹830 से ₹850 के बीच मिल रहा है। पहाड़ी राज्यों में जहां ट्रांसपोर्टेशन की लागत ज्यादा होती है, वहां भी सरकार ने राहत दी है।
क्यों लिया गया है यह फैसला?
सरकार ने यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में कमी आने के बाद लिया है। वैश्विक स्तर पर एलपीजी की कीमतों में नरमी का असर भारत में भी दिखने लगा है। साथ ही, केंद्र सरकार ने आर्थिक राहत देने और महंगाई पर काबू पाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। इस कटौती से उपभोक्ताओं को आर्थिक रूप से राहत मिलेगी और त्योहारों के समय उनकी खर्च की क्षमता बढ़ेगी। इसके अलावा, 2024-25 के बजट में भी सरकार ने सब्सिडी के लिए बड़ी राशि आवंटित की थी, जिसका असर अब देखने को मिल रहा है। यह कदम राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है क्योंकि कई राज्यों में आगामी चुनाव हैं।
आगे क्या बदलाव हो सकते हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें और गिरती हैं, तो सरकार आगे और कटौती कर सकती है। इसके साथ ही सब्सिडी की प्रक्रिया को आसान और डिजिटल बनाने की योजना भी चल रही है जिससे लाभ सीधे उपभोक्ताओं के खाते में पहुंच सके। सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि डिस्ट्रीब्यूटर नई कीमतों का पालन करें और किसी प्रकार की ब्लैक मार्केटिंग ना हो। उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे गैस बुक करते समय नई कीमतों की पुष्टि करें और रसीद जरूर लें। यदि कोई डीलर पुरानी कीमत वसूलता है तो उसकी शिकायत उपभोक्ता हेल्पलाइन या पेट्रोलियम मंत्रालय की वेबसाइट पर की जा सकती है।
