LPG Price – दिवाली के मौके पर सरकार की ओर से एलपीजी गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है। इस बार एलपीजी की बढ़ती कीमतों के बीच कुछ चुनिंदा वर्गों को फ्री गैस सिलेंडर देने की योजना शुरू की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य उन गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को राहत देना है जो त्योहारों के समय रसोई गैस के दामों में हुई बढ़ोतरी से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। सरकार के मुताबिक, इस स्कीम का फायदा केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जिनके नाम प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) में दर्ज हैं। दिवाली बोनस की तरह यह फ्री सिलेंडर सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा, जो सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को बड़ी राहत
इस साल दिवाली पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े लाभार्थियों को एक या दो फ्री एलपीजी सिलेंडर मिलने की संभावना है। सरकार ने इस योजना को खासतौर पर उन महिलाओं के लिए शुरू किया था जो ग्रामीण या गरीब परिवारों से आती हैं और जो पारंपरिक ईंधन पर निर्भर थीं। बढ़ती गैस कीमतों को देखते हुए, दिवाली पर फ्री सिलेंडर देने का उद्देश्य उनके घरेलू खर्च को कम करना है। योजना के तहत उपभोक्ताओं को पहले की तरह गैस कनेक्शन, चूल्हा और सिलेंडर सब्सिडी के साथ मिलते हैं, लेकिन इस बार त्योहारी सीजन में अतिरिक्त राहत भी शामिल की गई है।
आवेदन प्रक्रिया और पात्रता की शर्तें
इस फ्री एलपीजी गैस सिलेंडर योजना का लाभ केवल वही उपभोक्ता उठा सकेंगे जो प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पंजीकृत हैं। जिनके पास बीपीएल (BPL) राशन कार्ड या गरीबी रेखा से नीचे का प्रमाणपत्र है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदक महिला के नाम पर कनेक्शन होना जरूरी है, और बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए ताकि सब्सिडी सीधे ट्रांसफर की जा सके। आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किए जा सकते हैं। गैस एजेंसी में जाकर या उज्ज्वला पोर्टल पर लॉगिन करके लाभ की स्थिति चेक की जा सकती है।
दिवाली बोनस के तहत सिलेंडर वितरण की समयसीमा
सरकार ने साफ किया है कि फ्री सिलेंडर का वितरण अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से दिवाली तक किया जाएगा। उज्ज्वला लाभार्थियों को इस अवधि में संदेश या कॉल के माध्यम से जानकारी दी जाएगी कि वे अपना सिलेंडर कब और कहां से ले सकते हैं। जो उपभोक्ता हाल ही में गैस रिफिल करवा चुके हैं, उन्हें उस राशि का कैशबैक सरकार द्वारा उनके बैंक खाते में भेजा जाएगा। यह प्रक्रिया पारदर्शी और पूरी तरह डिजिटल होगी ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
