Land Registry New Rule 2025: अब पत्नी के नाम ज़मीन रजिस्ट्री पर सरकार ने लगाया बड़ा बैन, जानें नया कानून क्या कहता है

Land Registry New Rule – Land Registry New Rule 2025 के तहत सरकार ने एक चौंकाने वाला निर्णय लिया है, जिससे जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आ गया है। अब पत्नी के नाम पर संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर कुछ शर्तों के तहत बैन लगाया गया है, जो कई परिवारों को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकता है। इस नए नियम के पीछे सरकार का तर्क है कि कई जगहों पर टैक्स चोरी और धोखाधड़ी के मामलों में पत्नी के नाम संपत्ति ट्रांसफर की जा रही थी, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा था। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए नया कानून लागू किया गया है जो 1 नवंबर 2025 से प्रभाव में आ सकता है।

Land Registry New Rule
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नया कानून क्या कहता है – संपत्ति रजिस्ट्री में अब क्या बदलेगा?

2025 के इस नए भूमि रजिस्ट्री कानून के तहत, पत्नी के नाम पर सीधे तौर पर संपत्ति रजिस्ट्री कराना अब संभव नहीं होगा, जब तक कि सरकार की स्पष्ट अनुमति न ली जाए। इस नियम का उद्देश्य संपत्ति लेन-देन में पारदर्शिता लाना और काले धन या बोगस ट्रांसफर को रोकना है। यदि कोई व्यक्ति बिना उचित कारण या मंजूरी के पत्नी के नाम जमीन रजिस्ट्री कराता है, तो ऐसी रजिस्ट्री को निरस्त किया जा सकता है। इसके अलावा, गलत दस्तावेज़ीकरण या फर्जी लेन-देन की स्थिति में संबंधित पक्ष पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। सरकार का मानना है कि पति-पत्नी के नाम पर संपत्ति ट्रांसफर की प्रक्रिया को रेगुलेट करना जरूरी हो गया है, क्योंकि इसके ज़रिए टैक्स से बचने की कोशिशें बढ़ रही थीं।

कौन से मामले होंगे छूट के दायरे में – कब हो सकेगी पत्नी के नाम रजिस्ट्री?

हालांकि सरकार ने सीधे तौर पर पत्नी के नाम रजिस्ट्री पर बैन नहीं लगाया है, बल्कि इसे कुछ शर्तों से जोड़ा है। उदाहरण के लिए, यदि पति अपनी आय के स्रोत को सही तरीके से दिखाता है और स्पष्ट करता है कि संपत्ति पत्नी के नाम केवल पारिवारिक कारणों से रजिस्टर्ड की जा रही है, तो वह सरकार से अनुमति लेकर ऐसा कर सकता है। इसके लिए एक अलग से फॉर्म भरना होगा और संबंधित दस्तावेजों के साथ रजिस्ट्री कार्यालय में जमा करना होगा। जिन मामलों में पत्नी पहले से कमाने वाली हो या संयुक्त लोन में दोनों की हिस्सेदारी हो, वहां यह नियम लागू नहीं होगा।

नया कानून किन राज्यों में पहले लागू होगा?

सरकार इस कानून को चरणबद्ध तरीके से लागू करने जा रही है। शुरुआत में यह नियम उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, और राजस्थान जैसे राज्यों में लागू होगा, जहां जमीन से जुड़े विवाद और टैक्स चोरी के मामले अधिक देखने को मिलते हैं। इन राज्यों में 1 नवंबर 2025 से यह नियम प्रभावी होगा। इसके बाद अन्य राज्यों में इसे लागू किया जाएगा, ताकि पूरे देश में एक समान नियम बन सके। राज्यों की रजिस्ट्री और रेवेन्यू विभाग को इस बदलाव के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं और डिजिटल सिस्टम में भी अपडेट किया जा रहा है, ताकि नया नियम लागू होते ही कोई भी गैरकानूनी रजिस्ट्री संभव न हो सके।

नया नियम आम जनता को कैसे प्रभावित करेगा?

इस कानून के आने से उन लोगों को सीधा असर होगा, जो पारिवारिक कारणों से पत्नी के नाम संपत्ति ट्रांसफर करना चाहते हैं। पहले यह प्रक्रिया आसान थी और कई लोग इसे टैक्स बचाने या कानूनी उलझनों से बचने के लिए इस्तेमाल करते थे। लेकिन अब इसपर सख्त निगरानी होगी। आम जनता को अब अतिरिक्त दस्तावेज तैयार करने होंगे और समय पर अनुमति लेनी होगी। इससे प्रक्रिया थोड़ी जटिल ज़रूर हो जाएगी, लेकिन सरकार का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और जमीन संबंधी धोखाधड़ी रुकेगी।

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