बेसिक-पे ₹1,51,100 से बढ़कर होगी ₹2,90,112, इनकम टैक्स कटेगा ₹75,012, देखें कैलकुलेशन

Basic Pay Increase – सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि बेसिक पे ₹1,51,100 से सीधे ₹2,90,112 तक बढ़ाने की बात सामने आ रही है। इससे न सिर्फ उनकी इन-हैंड सैलरी में भारी इजाफा होगा, बल्कि इनकम टैक्स की कटौती भी पहले से कहीं ज्यादा होगी। ऐसे बदलाव खासतौर पर Pay Commission की सिफारिशों या किसी विशेष पुनरीक्षण योजना के तहत लागू किए जाते हैं। यदि यह प्रस्तावित वृद्धि लागू होती है, तो लगभग ₹1,39,012 की बढ़ोतरी सीधे तौर पर बेसिक पे में देखी जाएगी। हालांकि, बढ़े हुए वेतन के साथ इनकम टैक्स भी बढ़ेगा, और अनुमान लगाया जा रहा है कि लगभग ₹75,012 की कटौती इनकम टैक्स में होगी।

Basic Pay Increase
Basic Pay Increase

₹2.90 लाख की बेसिक पे – कितना बढ़ेगा कुल वेतन?

बेसिक पे ₹2,90,112 होने का मतलब यह है कि इसके ऊपर DA (महंगाई भत्ता), HRA (हाउस रेंट अलाउंस), TA (ट्रांसपोर्ट अलाउंस) और अन्य भत्ते भी जुड़ेगे। अगर DA 50% मान लिया जाए, तो वह ₹1,45,056 होगा। HRA भी मेट्रो शहर में रहने वालों के लिए 27% तक हो सकता है यानी लगभग ₹78,330। ऐसे में कुल ग्रॉस सैलरी ₹5.13 लाख प्रति माह तक पहुंच सकती है। यह उन सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है जो लंबे समय से वेतन वृद्धि का इंतजार कर रहे हैं। इस तरह की बढ़ोतरी से न सिर्फ कर्मचारियों की जीवनशैली में सुधार होगा बल्कि रिटायरमेंट प्लानिंग, होम लोन चुकाने, बच्चों की पढ़ाई और निवेश जैसे क्षेत्रों में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। हालांकि, यह भी देखना होगा कि इस सैलरी पर टैक्स कितना कटेगा।

₹75,012 टैक्स कटौती – कैसे होगा पूरा कैलकुलेशन?

अगर आपकी कुल वार्षिक आय ₹61 लाख के आसपास जाती है, तो इनकम टैक्स की पुरानी स्लैब के अनुसार आपकी टैक्स लायबिलिटी लगभग ₹7.5 लाख हो सकती है। यानी हर महीने लगभग ₹62,500 की कटौती होगी। लेकिन अगर इसमें Cess और Surcharge भी जोड़ दिए जाएं, तो कुल कटौती ₹75,012 प्रति माह तक पहुंच सकती है। हालांकि, नया टैक्स सिस्टम चुनने पर कुछ राहत मिल सकती है क्योंकि उसमें कई डिडक्शन नहीं मिलते, लेकिन टैक्स दरें कम होती हैं। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई कर्मचारी पुराने टैक्स सिस्टम में 80C, HRA, Home Loan Interest आदि के जरिए ₹5–6 लाख तक की छूट ले पाता है, तो उसकी टैक्स लायबिलिटी कम हो सकती है। इसीलिए कर्मचारियों को सैलरी स्ट्रक्चर के साथ-साथ टैक्स प्लानिंग भी सही से करनी होगी।

नया वेतन बनाम पुराना वेतन – ग्रॉस और इन-हैंड का फर्क

जहां पुरानी बेसिक पे ₹1,51,100 थी, वहां ग्रॉस सैलरी लगभग ₹2.65 लाख प्रतिमाह बनती थी। लेकिन नई बेसिक पे ₹2,90,112 होने पर ग्रॉस सैलरी ₹5.13 लाख तक पहुंच सकती है। परंतु इनकम टैक्स, NPS, PF कटौती के बाद इन-हैंड सैलरी में सिर्फ ₹3.8 लाख ही मिल सकता है। वहीं पुराने सैलरी ढांचे में इन-हैंड ₹2.2 लाख तक मिलता था। यानी लगभग ₹1.6 लाख का फर्क देखने को मिलेगा। हालांकि PF और NPS की कटौती भविष्य के लिए फायदेमंद है लेकिन तत्काल कैश-इन-हैंड में असर पड़ता है। इसके अलावा, HRA और अन्य भत्तों की कटौती भी महत्वपूर्ण है, जिससे कर्मचारियों को सालाना आयकर रिटर्न फाइल करते समय रिफंड मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

क्या सभी कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?

यह सैलरी बढ़ोतरी आमतौर पर उच्च ग्रेड के कर्मचारियों – जैसे Level 14 और ऊपर – को लागू होती है। इन कर्मचारियों में IAS, IPS, IRS और अन्य Central Government Services के अधिकारी शामिल होते हैं। हालांकि, अगर यह बढ़ोतरी 8th Pay Commission या किसी विशेष रिवीजन के तहत की गई है, तो संभव है कि मिड और लोअर ग्रेड के कर्मचारियों को भी कुछ हिस्सा मिल जाए। राज्य सरकारें भी केंद्र सरकार के इस फॉर्मूले को अपनाने पर विचार कर सकती हैं, जिससे देशभर के लाखों कर्मचारियों को फायदा होगा।

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