Cheque Bounce – भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने चेक बाउंस से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए आज से नया नियम लागू कर दिया है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब देशभर में चेक बाउंस के मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही थी, जिससे व्यापारिक लेन-देन में विश्वास की कमी देखने को मिल रही थी। नए नियम के तहत यदि कोई व्यक्ति बिना खाते में पर्याप्त राशि के चेक जारी करता है और वह बाउंस होता है, तो अब यह केवल बैंक पेनाल्टी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकेगी। इसमें फाइन, कोर्ट समन, और दो साल तक की सजा का भी प्रावधान है। यह कदम खासकर उन ग्राहकों के लिए चेतावनी है जो लापरवाही से चेक जारी करते हैं। यह नियम बैंकों को भी सशक्त करेगा, जिससे वे ऐसे खाताधारकों की पहचान कर सकें जो जानबूझकर चेक बाउंस कराते हैं। इस निर्णय से बैंकिंग प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव होगा।

RBI के नए नियमों की मुख्य बातें: चेक बाउंस पर होगी सख्त कार्रवाई
RBI द्वारा आज से लागू किए गए नियमों के अनुसार, चेक बाउंस होना अब केवल एक बैंकिंग गलती नहीं मानी जाएगी, बल्कि इसे एक आपराधिक कृत्य की श्रेणी में रखा गया है। पहले जहां बैंक चेक बाउंस पर केवल ₹300 से ₹500 की पेनाल्टी लगाकर मामला खत्म कर देता था, वहीं अब यदि कोई चेक बाउंस होता है तो खाताधारक को पहले नोटिस भेजा जाएगा और जवाब न मिलने पर कोर्ट का समन जारी किया जाएगा। बार-बार ऐसा करने वालों पर बैंक निगरानी रखेंगे और उनके नाम RBI के डेटाबेस में भी जोड़े जा सकते हैं। इससे उन लोगों की क्रेडिट हिस्ट्री प्रभावित होगी और उन्हें भविष्य में लोन या अन्य बैंकिंग सुविधाएं नहीं मिल सकेंगी।
खाताधारकों को क्या सावधानी रखनी होगी?
नए नियम के तहत खाताधारकों को अब अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। किसी भी चेक को जारी करने से पहले सुनिश्चित करना होगा कि खाते में पर्याप्त बैलेंस मौजूद हो। यदि जानबूझकर या लापरवाही से चेक जारी कर दिया गया और वह बाउंस हो गया, तो संबंधित व्यक्ति पर केस भी दर्ज हो सकता है। इससे ग्राहकों में अनुशासन आएगा और बैंकिंग व्यवहार में सुधार होगा। साथ ही, यह नियम व्यापारिक क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाएगा और छोटे व्यवसायियों को समय पर भुगतान मिलने की संभावना बढ़ेगी।
व्यवसायियों को मिलेगा लाभ: अब भरोसेमंद होगा चेक पेमेंट
छोटे व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं को अक्सर चेक बाउंस के कारण नुकसान उठाना पड़ता था, लेकिन नए नियम से अब उन्हें राहत मिलेगी। यह नियम सुनिश्चित करता है कि हर लेन-देन में गंभीरता और भरोसे का माहौल बने। अब हर कोई चेक देते समय दो बार सोचेगा और बाउंस की स्थिति में उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई संभव होगी। इससे व्यापारिक लेन-देन में पारदर्शिता आएगी और नकद लेन-देन पर निर्भरता कम होगी।
बैंकिंग प्रणाली को मिलेगा मजबूती और पारदर्शिता
RBI का यह कदम देश की बैंकिंग प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। इससे न केवल आम ग्राहकों में जागरूकता आएगी बल्कि बैंकों को भी अपने ग्राहकों की प्रोफाइल और व्यवहार को समझने में सहायता मिलेगी। आने वाले समय में यह नियम डिजिटल पेमेंट को भी बढ़ावा देगा और चेक आधारित धोखाधड़ी पर लगाम लगाने में मदद करेगा।
