8th Pay Commission – 8th Pay Commission की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं और कर्मचारियों के बीच इसे लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। भले ही इस बार डीए (Dearness Allowance) को शून्य किया जा रहा है, लेकिन नई सैलरी स्ट्रक्चर में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। 7th Pay Commission के बाद यह आठवां बड़ा सुधार होगा, जिसमें बेसिक पे, फिटमेंट फैक्टर और ग्रेड पे में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार 2026 से पहले इस कमीशन को लागू करने की दिशा में काम कर रही है। 18 पे लेवल तक के कर्मचारियों की सैलरी में औसतन 25% से 45% तक की वृद्धि हो सकती है। यानी कि जहां एक जूनियर कर्मचारी की बेसिक सैलरी अभी ₹25,500 है, वह बढ़कर ₹35,000 तक पहुंच सकती है। इस इजाफे से लाखों सरकारी कर्मचारियों को भारी राहत मिलने की उम्मीद है।

8th Pay Commission लागू होने के बाद सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव
8th Pay Commission के लागू होते ही सरकारी कर्मचारियों की सैलरी संरचना पूरी तरह बदल जाएगी। डीए को शून्य करने का मतलब यह नहीं है कि सैलरी में नुकसान होगा, बल्कि बेसिक पे और फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर इसकी भरपाई की जाएगी। माना जा रहा है कि फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.68 किया जा सकता है, जिससे न्यूनतम वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹26,500 तक पहुंच जाएगा। इस बदलाव से न केवल केंद्र सरकार के कर्मचारी बल्कि राज्य सरकारों के कर्मचारी भी लाभान्वित होंगे। इसके अलावा, भत्तों (Allowances) और ग्रेड पे में भी सुधार की संभावना जताई जा रही है।
18 पे लेवल तक होगी बढ़ोतरी – कितना बढ़ेगा वेतन?
8th Pay Commission की रिपोर्ट के अनुसार, 18 पे लेवल तक सैलरी में बढ़ोतरी की जाएगी। लेवल 1 के कर्मचारियों को 25% तक की वृद्धि मिलेगी जबकि उच्च स्तर के अधिकारियों को 45% तक का इजाफा मिलेगा। इससे सैलरी गैप को भी कम करने की कोशिश की जाएगी। उदाहरण के तौर पर, लेवल 6 के कर्मचारी जिनकी वर्तमान सैलरी ₹44,900 है, उनकी बेसिक सैलरी बढ़कर ₹61,000 हो सकती है। इसी तरह लेवल 10 के अधिकारियों को ₹78,800 की जगह ₹1,05,000 तक सैलरी मिलने की संभावना है। यह सुधार कर्मचारियों की क्रय शक्ति बढ़ाने और महंगाई से राहत देने में मदद करेगा।
डीए शून्य क्यों किया गया और इसका असर क्या होगा?
Dearness Allowance को शून्य करने का फैसला इसलिए लिया गया ताकि 8th Pay Commission के साथ बेसिक पे को नया स्वरूप दिया जा सके। हर पे कमीशन में डीए को रीसेट कर दिया जाता है, यानी नई सैलरी के साथ डीए फिर से 0% से शुरू होता है। इससे सरकार के बजट पर नियंत्रण रहता है और कर्मचारियों को पारदर्शी सैलरी स्ट्रक्चर मिलता है। डीए आगे चलकर हर छह महीने में फिर से बढ़ाया जाएगा। हालांकि शुरुआती महीनों में डीए न मिलने से कुछ कर्मचारियों को असर महसूस होगा, लेकिन कुल मिलाकर बेसिक वेतन में बढ़ोतरी इसे संतुलित कर देगी।
8th Pay Commission से जुड़े लाभ और संभावित घोषणा तिथि
8th Pay Commission की घोषणा 2026 की शुरुआत में होने की उम्मीद है, लेकिन इसकी सिफारिशें 2025 के अंत तक तैयार की जा सकती हैं। सरकार इसके तहत न सिर्फ सैलरी बल्कि पेंशन, एचआरए, टीए और मेडिकल भत्तों में भी सुधार करने पर विचार कर रही है। रिटायर्ड कर्मचारियों को भी इस बदलाव से लाभ मिलेगा क्योंकि उनकी पेंशन नई बेसिक पे के अनुसार पुनर्गणना की जाएगी। अगर सब कुछ तय समय पर हुआ, तो कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से नए वेतनमान का लाभ मिल सकता है। यह सुधार करोड़ों परिवारों के लिए दिवाली जैसा तोहफ़ा साबित होगा।
