CIBIL Score Update 2025 – CIBIL Score Update 2025: अब RBI ने एक बड़ा फैसला लेते हुए उन लोगों को भी लोन देने की अनुमति दे दी है जिनका CIBIL स्कोर 300 से कम है। यह नियम लाखों लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो अब तक खराब क्रेडिट हिस्ट्री के कारण बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लोन लेने में असमर्थ थे। नए नियम का मकसद वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना और आम नागरिकों को आर्थिक मजबूती प्रदान करना है। हालांकि, इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें और दस्तावेज़ी प्रक्रियाएँ तय की गई हैं। इसका सीधा फायदा छोटे कारोबारियों, किसानों, मजदूरों और उन लोगों को मिलेगा जिन्हें पहले केवल कम स्कोर की वजह से लोन से वंचित होना पड़ता था। यह कदम सरकार की उस नीति से जुड़ा है जिसके तहत हर व्यक्ति तक बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं पहुँचाना लक्ष्य है।

RBI का नया नियम कैसे काम करेगा
नए नियम के अनुसार बैंक और NBFC अब सिर्फ CIBIL स्कोर के आधार पर लोन को अस्वीकार नहीं करेंगे। लोन स्वीकृति के लिए अब अन्य कारकों जैसे आय का स्रोत, नौकरी की स्थिरता, बैंकिंग व्यवहार और डिजिटल लेन-देन की हिस्ट्री को भी महत्व दिया जाएगा। इसका मतलब है कि यदि किसी व्यक्ति का स्कोर 300 से कम है लेकिन उसकी मासिक आय स्थिर है और वह EMI चुकाने में सक्षम है तो उसे लोन मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। इससे उन लोगों के लिए भी अवसर खुलेगा जिन्होंने पहले बकाया या चूक की वजह से खराब स्कोर झेला था।
आम लोगों के लिए राहत
इस बदलाव से सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जिनकी रोज़गार या व्यवसाय की स्थिति मजबूत है लेकिन पुरानी गलतियों की वजह से क्रेडिट स्कोर खराब हो चुका है। अब उन्हें भी होम लोन, पर्सनल लोन या बिज़नेस लोन लेने का अधिकार मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यापार करने वालों और मजदूरी पर निर्भर लोगों के लिए यह एक सुनहरा मौका है। इससे वित्तीय समावेशन को नई गति मिलेगी और बैंकिंग सेक्टर पर भरोसा भी बढ़ेगा।
किन शर्तों पर मिलेगा लोन
हालांकि यह सुविधा सभी को नहीं मिलेगी। लोन लेते समय बैंक या NBFC अतिरिक्त सुरक्षा जैसे गारंटर, को-एप्लिकेंट या संपत्ति की गिरवी रखने की शर्तें रख सकते हैं। इसके अलावा, लोन की रकम और ब्याज दर व्यक्ति की आय और पुनर्भुगतान क्षमता के अनुसार तय की जाएगी। यानी लोन तो मिलेगा लेकिन शर्तों के साथ। इसका उद्देश्य बैंकों के जोखिम को कम करना और उधार लेने वाले को जिम्मेदारी के साथ पुनर्भुगतान के लिए प्रेरित करना है।
अर्थव्यवस्था पर असर
RBI का यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक असर डालेगा। इससे बैंकिंग सेक्टर में लोन की मांग बढ़ेगी और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा। नए उद्यमी और स्टार्टअप्स को भी पूंजी की कमी से जूझना नहीं पड़ेगा। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे बैंकों पर जोखिम का बोझ भी बढ़ेगा, इसलिए सख्त निगरानी और समय पर पुनर्भुगतान सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होगा। कुल मिलाकर, यह निर्णय करोड़ों भारतीयों के जीवन में बदलाव ला सकता है और वित्तीय स्वतंत्रता की दिशा में एक बड़ा कदम है।
